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Friday, 29 November 2019

द्वारका सेक्टर 5 आशीर्वाद चौक के सामने के कब्जे पर निर्मित हो रहे धर्मिक स्थल की आत्म व्यथा

द्वारका सेक्टर 5 आशीर्वाद चौक के सामने  कब्जे  पर निर्मित हो रहे धर्मिक स्थल की आत्म व्यथा
हे टैक्स पेयर्स मानव तूने मुझे डी डी ए की जमीन पर सेक्टर 5 मार्किट ठीक आशीर्वाद चौक पर ,एस डी एम सी के बेंच के सामने स्थापित करने का घोर पाप किया है। न तो तूने इस जमीन की गुणवत्ता की खोज की और न ही वास्तुशास्त्र के नियमों का पालम किया। बस पुरानी मूर्तियों के सहारे नुक्कड़ के मंदिर की स्थापना की कोशिश भूमि पर कब्जे के लिए की ,जो तेरा एक तरीका बन गया है। मुझे मालूम है ,हे मूर्ख मानव तेरे पुरखे धार्मिक स्थान की स्थापना के लिए भूमि का चयन करते थे ,वो भी दोषरहित भूमि का । तदनुसार प्रतिमा की विधिसंवत प्राणप्रतिष्ठा का अनुष्ठान संपन्न होता था। लेकिन ये तो कब्जे की जमीन है। भूमि के मालिक डी डी ए को  इसकी चिंता नही की उनकी मिल्कियत पर ये ये मानव कब्जा कर रहा है। हे डी डी ए तुझे अभी भी जिम्मेदारी का अहसास नही ,तेरी 1300 एकड़ अधिग्रहित  कृषि  भूमि पर कब्जा हो चुका है। 
 एस डी एम सी ने  यहां पर बेंच लगवा दिए। मानव की कमजोरी से बने विभाग ठीक उसके जैसे ही कार्य कर रहे है।
*विनती* मेरी भद्र समाज से करबद्ध विनंती है, मेरे को इस कब्जे की भूमि से तुरंत हटवा दो। वरना ये मानव मुझे इतना फैला देगा कि मैं हमेशा के लिए कैद हो जाऊंगा।
मुझे स्थापित करना ही है तो कब्जे की भूमि पर नही , बल्कि लीगल जमीन पर अपने पुरखों की तरह धार्मिक विधिनुसार करो।
हे    मार्किट एसोसिएशन   के पदाधिकारियों,   निगम के पार्षदों , उच्च  डी डी ए के उच्चाधिकारियों  ,  अपने मेठों को कहे कि कब्जे को पक्का करने की बजाए ,सही रिपोर्ट रिपोर्ट विभाग को दें। मुझे मुक्ति दो ताकि तेरे पाप तनिक कम हो सकें।
रमेश मुमुक्षु

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