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Friday, 10 July 2020

चिंतन करना होगा कि कैसे पनपते है,ये डॉन

चिंतन करना होगा कि कैसे पनपते है,ये डॉन
विकास दुबे जैसे लोग पनप कैसे जाते है?  
कौन है ,जो इनको शरण देते है? 
कैसे ये AK 47 रखते है ? 
इसको पकड़ने पुलिस आई तो ,पुलिस वालों ने ही दुबे को सूचित किया। 
जो पुलिस वाले मारे गए ,वो उनके ही सहकर्मियों द्वारा मारे गए। पुलिस कभी एनकाउंटर करने नही जाती, वो हो जाता है। 
इसके माध्यम से हम सभी को अपने आस पास ऐसे कौन से लोग है, जो पुलिस और किसी विभाग से नही डरता। किस नेता और बाहुबली का उसको संरक्षण होता है। 
बेहतर हो कि केस बने और कोर्ट  से सजा मिले। बहुत से ऐसे लोगों को विगत में भी सजा मिली है,जो रसूख वाले लोग रहे है।
ऐसे लोगों का पनपना कानून की कमजोरी ही होती है। ताकतवर आदमी कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करता है।
ऐसे लोग धीरे धीरे ताकतवर बनते चले जाते है। जब व्यवस्था तय करने लगे कि कौन डॉन बनेगा और कब उसका खत्मा होगा तो समझो व्यवस्था न्याय पूर्ण काम नही कर सकेगी। ऐसे लोगों से बहुत से राज खोले जा सकते है। लेकिन ,जो लोग 8 पुलिस कर्मी को मार दें और सीना ठोक कर सामने आ जाये। उसको कोई डर नही है। सम्भव है, उसको ट्रेप में लिया हो। लेकिन ऐसा विगत में भी होता रहा है। होना नही ,चाहिए ,लेकिन ऐसा कदम उठ जाता है,या हो जाता है। 
पुलिस और व्यवस्था ,नेता आदि को ऐसे बदमाशों को पनपने ही न दिया जाए। इस पर हम सब को गहन चिंतन करना ही होगा। हमारे आंखों के सामने जो लोग गैरकानूनी काम सीना ठोक कर लेते है। ऐसे लोग ही दुबे बनने लगते है। आजकल ट्रेंड चला है कि गैरकानूनी निर्माण आदि के ठेके के पैकेज में सभी विभागों को मैनेज करना भी शामिल है। मेरे इस आशय को सभी संमझ गए होंगे। ये ही लोग विभाग और नेता द्वारा संरक्षण प्राप्त करता करता ताकतवर बन जाता है। सभी दलों और विचार धारा के अलग अलग डॉन होते है। जिसका  अवसर मिले वो रास्ता साफ करता रहता है। अगर हम अपने चारों और नज़र दौड़ाए तो बहुत कुछ सामने आता जाएगा। बहुत से लोग ऐसे होते है, जिनको लोग डॉन कहते है, लेकिन उनकी शिकायत करने की किसी की हिम्मत नही होती क्योंकि विभाग वाले उनके पास आते जाते है। इसलिए विकास दुबे जैसों को पनपने ही नही देना चाहिए।
*नोट* एक बात तय है कि बिना किसी वरदहस्त और संरक्षण के बदमाश इतना बड़ा नही बन सकता।
रमेश मुमुक्षु
अध्यक्ष, हिमाल 
9810610400

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