आना दबे पांव धीमे धीमे
कविता ह्रदय के गहरे कुहासे में
छिपा स्पंदन है जो यकायक धीमे धीमे
अकस्मात ही कुहासे से बाहर
आ जाता है
उसको आने दो
कालिदास के मेघदूत सा
जयदेव के मिलन सा
तुलसी के राम सा
सुर के कृष्ण सा
मीरा के दर्द सा
कबीर के दोहे सा
बिहारी की तड़प सा
रामधारी की ललकार सा
महादेवी के वियोग सा
पंत के प्रकृति प्रेम सा
निराला की जूही सा
अ ज्ञे य के दर्शन सा
मुक्तिबोध के अंधकार सा
आने दो
आना जरुरी है
भले वो बिखरा हुआ
छितराया सा
कुछ खोया सा ही
क्यों ना हो
अहसास की गहराई
उसके रूप रंग
को संवार देगी
अनुभव और संवेदना
जब पीड़ा और करुणा में सराबोर
होगा
तो छंद ,कविता ,अकविता
और
नाना रूप
के साथ उभर आएगा
जो उभर आऐ
वो ही कविता है
पहरेदार को देख
अहसास
कही
दुबक न जाये
तनिक आहट
उसको कुहासे में पुनः
धकेल देती है
उसका आना
जरुरी है
आना दबे पांव
धीमे धीमे
- रमेश मुमुक्षु
10.10.2018
What does the Bonus Code "BONUSSEEKER" mean? - JTG Hub
ReplyDeleteWhat does the Bonus Code "BONUSSEEKER" mean? · What does the Bonus 사천 출장마사지 Code "BONUSSEEKER" mean? · 춘천 출장마사지 What does the Bonus Code "BONUSSEEKER" mean? · What does the 포천 출장안마 Bonus Code "BONUSSEEKER" mean? 충청북도 출장안마 · 전라북도 출장샵 What does